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छत्तीसगढ़

“गाँव/मोहल्ले में शराब दुकान नहीं, शिक्षा और शांति चाहिए!”, महिलाओं का फूटा गुस्सा, 3 दिनों से जारी प्रदर्शन.. पढ़िए…

सक्ती जिले के मालखरौदा ब्लॉक के बड़े रबेली गांव में नवीन प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर महिलाओं में जबरदस्त आक्रोश दिख रहा है. महिलाएं तीन दिनों से नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर रही है. सबसे खास बात महिलाएं शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए भजन-कीर्तन भी कर रही है, ताकि सरकार उनकी मांग पूरी करे और शराब दुकान बंद हो.

 

 

महिलाओं ने बताया की शराब दुकान के खुलने से बच्चों का भविष्य खराब होगा, गांव का माहौल बिगड़ेगा और स्कूल आने जाने में छात्र-छात्राओं को परेशानी झेलनी पड़ेगी. इसके चलते महिलाएं 3 दिनों से आन्दोलन कर रही है, जिसमें पुरुष भी इस आंदोलन में उनका साथ दे रहे हैं.

 

उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन के ध्यान आकर्षित करने के लिए भजन-कीर्तन करती है. विडम्बना यह है कि शासन और प्रशासन को इससे कोई सरोकार नहीं है. आंदोलन के पहले दिन अधिकारी पहुंचे थे, लेकिन केवल आश्वासन दिया गया. जबकि महिलाओं का कहना है कि 4 दिन पहले शराब को गांव के गौठान के गोदाम में डंप किया गया है, ऐसे में जब तक शराब दुकान को बंद नहीं किया जाता, तब तक ओ ऐसे ही प्रदर्शन करती रहेंगी. सबसे बड़े बात आगे यह आंदोलन और भी विकराल रूप लेगा.

आपको बता दें कि 2024 में शराब दुकान प्रस्तावित हुई है, जिसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम किया था. ऐसे में अब आबकारी विभाग ने शराब को डंप कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है. अब सवाल यह है कि आखिर सरकार किसके लिए है जब उन्हें ग्रामीणों की इतनी बड़ी समस्या छोटी लग रही है या समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. क्या शासन-प्रशासन को उग्र आंदोलन का इंतजार है. अब देखने वाली बात होगी कि महिलाओं की मांग पूर्ण की जाती है या नहीं?

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