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छत्तीसगढ़

क्या है हर्बल गुलाल?, मार्केट में खूब डिमांड!

सक्ती जिले के पलाड़ीकला गांव की राधा कृष्ण स्व सहायता समूह की महिलाएं इस बार होली को सुरक्षित और पर्यावरण को अनुकूल को अनुकूल बनाये रखने की दिशा में सराहनीय कार्य करते हुए हर्बल गुलाल बना रहे हैं.

 

 

राधा कृष्ण समूह की महिलाओं ने बताया कि वे पालक भाजी, चुकंदर के रस, गेंदे के फूल और पलास के फूल सहित अन्य प्राकृतिक फूलों से रंग निकालकर विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक गुलाल तैयार कर रही हैं.
यह प्राकृतिक गुलाल पूरी तरह से केमिकल फ्री है और अरारोट पाउडर से निर्मित हर्बल गुलाल है, जो त्वचा के लिए सुरक्षित और पर्यावरण के लिए अनुकूल है. ऐसे में स्वच्छ और स्वास्थ होली का संदेश महिलाएं दे रही है. गुलाल की बिक्री से महिलाओं को आर्थिक फायदा होगा और होली में गुलाल लगाने वाले लोगों को भी स्वास्थ्य खराब नहीं होगा, ऐसे में स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत के लिए यह कारगर है. गुलाल बनाकर महिलाओं को रोजगार भी मिला है, जिसे वे अपने परिवारों और बच्चों के पढ़ाई का खर्च वहन कर पाती है.

 

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वासु जैन ने बताया कि होली के मद्देनजर महिला समूहों के द्वारा हर्बल गुलाल का निर्माण किया जा रहा है. जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक है और जिला प्रशासन के द्वारा उन्हें बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि स्टोल के माध्यम से महिलाएं गुलाल की बिक्री कर सके.

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