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छत्तीसगढ़

महाकाल बाबा यादराम धाम में श्रीमद् भागवत कथा का 5 फरवरी से आयोजन, धार्मिक पथप्रदर्शिका एवं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका प्राची देवी करेंगी कथा का वाचन, बाबा यादराम की दिव्य मूर्ति का होगा अनावरण, आयोजन की तैयारियां जोरो पर, आने वाले श्रद्धालु मेले का भी लुफ्त उठा पाएंगे..

सक्ती जिले के मालखरौदा ब्लॉक के डोंगरीडीह गांव में विराजित बाबा यादराम धाम में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा. कथा का वाचन धार्मिक पथप्रदर्शिका एवं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका प्राची देवी के द्वारा किया जाएगा. प्राची देवी भजन गाती हैं और भक्तों को आध्यात्मिक रूप से संतुलित तथा धार्मिक जीवन का अनुसरण करने के लिए प्रेरित करती हैं. आयोजन को लेकर बाबा भक्तों, ग्रामीणों और जिलेवासियों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है. क्यों कि गांव में इससे पहले भव्य आयोजन नहीं हुआ है. वहीं, आयोजन की तैयारी के लिए आयोजनकर्ता जुटे हुए हैं और उनमें उत्साह भी देखा जा रहा है. श्रीमद्भागवत कथा के पहले 4 तारीख को महाकाल बाबा यादराम की दिव्य मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा पूरे विधि विधान से किया जाएगा. जिसके बाद श्रीमद्भागवत कथा के दिन 5 तारीख को बाबा के मूर्ति का अनावरण किया जाएगा. यहां बाबा के दर्शन मात्र से लोगों की तकलीफे दूर हो जाती है, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु पहुंचते हैं. यहां मेले का भी आयोजन किया जाएगा, इस तरह श्रद्धालु कथा श्रवण करने के बाद मेले का भी लुफ्त उठाएंगे. इधर, कार्यक्रम को लेकर जोरशोर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है.

 

 

मंदिर और कार्यक्रम के संचालक धनीराम साहू ने बताया कि बहुत ही अनूठा पल है, श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने अन्य जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे. इसके लिए तैयारियां शुरू की गई है, कथा की शुरुआत 5 फरवरी 2026 से होगा, वहीं 11 फरवरी को इसका समापन है. कथा का समय दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक रखा गया है.

उन्होंने आगे बताया कि डोंगरीडीह गांव में महाकाल यादराम बाबा का मंदिर है, जहां लोग बड़ी संख्या में श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनी-अपनी पीड़ा लेकर पहुंचते हैं. डोंगरीडीह के यादराम बाबा धाम पहुंचने वाले लोगों में बाबा यादराम के प्रति काफी आस्था है और बाबा यादराम धाम पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि जो भी अपनी पीड़ा लेकर आते हैं, वे बाबा धाम से कभी खाली हाथ नहीं लौटते, उन्हें पीड़ा से निजात मिल जाती है.

 

आपको बता दें कि दूर-दूर से लोग अपनी-अपनी पीड़ा लेकर बाबा धाम पहुंचते हैं और लोगों को बाबा धाम में राहत भी मिलती है. यादराम बाबा का धाम 24 घण्टे खुला रहता है, वहीं रविवार और गुरुवार को बाबा का विशेष दिन है, जिसके चलते दोनों दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. यहां 05 फरवरी 2026 को यादराम बाबा के दिव्य मूर्ति का अनावरण किया जाएगा. इस तरह हजारों श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कोई तकलीफ ना हो.

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