
सक्ती – पशु सखी वह प्रशिक्षित महिला होती है। जो अपने गाँव या पंचायत में पशुओं की देखभाल स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता फैलाने का कार्य करतीं हैं। यह बिहान एनआरएलएम के तहत चयनित होती हैं। और ग्रामीण पशुपालकों के साथ जुड़कर पशुधन आधारित आजीविका को मजबूत करने में सहयोग करती हैं। इसी तरह क़ृषि सखी गाँव स्तर पर क़ृषि के क्षेत्र में तकनिकी सहायता देना और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना होता है। उक्त बातें ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान नन्दौरखुर्द सक्ती में आयोजित 13 दिवसीय क़ृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल जैजैपुर और मालखरौदा के बिहान की क़ृषि सखी व पशु सखी दीदियों को सम्बोधित करते हुए जिला पंचायत सक्ती के डीएमएम राजीव श्रीवास ने व्यक्त किया। उन्होंने बिहान में क़ृषि सखी और पशु सखी दीदियों की भूमिका को लेकर क़ृषि और पशुपालन तथा आजीविका गतिविधियों के बारे विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
वहीं प्रशिक्षण ले रही महिलाओं ने बताया कि उन्हें ट्रेनिंग के तहत जांजगीर – चम्पा जिले के बहेराडीह गांव में स्थित देश के पहले वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल का भ्रमण भी कराया गया है, जिससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला. वहीं, किसान स्कूल के प्रयासों की प्रशंसा भी की.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में फेकेल्टी विक्टर कोसरिया,ऑफिस असिस्टेंट संगीता सोनी, प्रदीप कुमार, अटेंडर मितेश कुमार साहू, मास्टर ट्रेनर दीनदयाल यादव, धनेश्वरी साहू, गनेशी लहरे, गायत्री साहू, गीता बाई कुर्रे, गुंजिया जाटवर, कामेश्वरी शायर, कुमारी बाई, लक्ष्मीन तेंदुलकर, नीलम दिब्य, प्रमिला बर्मन, रेवती बाई पटेल, रिंकी महंत, रोहिणी बरेठ, रुखमणि साहू, संजू साहू, सालनी साहू सुक्रिता भारद्वाज, सुप्रिया खूंटे, सुलोचनी बर्मन, सुशीला देवी, उषा चंद्रा, अनिता चंद्रा, पवन कुमारी, अनिता रात्रे, मंजू बर्मन, रौशनी भारद्वाज, दिलकुमारी, रामकुमारी यादव, तरुणी लता गबेल, सुनिता नवरंग, नीलम सिदार, सुनिता यादव, सुशीला लहरे, मुंगेश निराला, राधा यादव आदि क़ृषि सखी और पशु सखी दीदियाँ शामिल हैं।
