
नई दिल्ली. एशिया कप के लिए मंगलवार को भारतीय दल का ऐलान हुआ। चयन समिति की बैठक में खिलाड़ियों के नामों पर मुहर लगने के बाद औपचारिक ऐलान के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई थी। चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर और टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव मीडिया से मुखातिब हुए। स्क्वाड का ऐलान हुआ। चयन से जुड़े सवाल-जवाब हुए। तभी प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में एक रिपोर्टर ने एक ऐसा सवाल पूछ दिया जो अगरकर और सूर्या के लिए असहज करने वाला था। यह ‘आउट ऑफ सिलेबस’ सवाल सिर्फ सवाल नहीं था, एक तरह का ‘पाकिस्तान बम’ था और तभी बीसीसीआई तुरंत अगरकर और सूर्या के बचाव में कूद गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में एक रिपोर्टर ने दो टूक सवाल पूछा कि मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक माहौल में पाकिस्तान के साथ मैच को लेकर क्या फैसला किया गया है। सवाल उछला, ‘इस एशिया कप की बात करें तो 14 को एक बड़ा मैच है, भारत बनाम पाकिस्तान का। पिछले दो महीनों में दोनों देशों के बीच जो कुछ भी हुआ है, उसके मद्देनजर आपका मैच को लेकर रुख क्या होगा?’
पत्रकार अपना सवाल अभी ढंग से पूरा करते, उससे पहले ही बीसीसीआई के मीडिया मैनेजर बीच में कूद गए। उन्होंने सुनिश्चित किया कि अजीत अगरकर और सूर्यकुमार यादव को उसका जवाब नहीं देना पड़े। मीडिया मैनेजर ने तपाक से कहा, ‘रुकिए, अभी रुकिए। अगर आपके पास टीम चयन से जुड़ा हुआ कोई सवाल है तो आप उसे पूछ सकते हैं।’
एशिया कप में 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच मैच तय है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर आक्रोश है। एक बड़ा तबका उसके बहिष्कार की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि अगर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ स्थगित हुआ है, बंद नहीं तो इस दौरान पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच का क्या मतलब? संसद में भी यह मुद्दा उठ चुका है। असदुद्दीन ओवैसी समेत कई सांसद इसे लेकर सदन तक में सवाल उठा चुके हैं। हालांकि बीसीसीआई इस पर चुप्पी साधे हुए है।
इस साल 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर पाकिस्तान से आए आतंकियों के बर्बर हमले और उसके जवाब में 7 मई को भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। भारत ने पाकिस्तान और उसके अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) में स्थित आतंकी अड्डो को तबाह कर दिया। उससे बौखलाए पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों और यहां तक कि धर्मस्थलों तक को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। भारत ने उन सभी ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
पाकिस्तानी दुस्साहस के जवाब में उसने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों खासकर उसके महत्वपूर्ण एयरबेसेज पर हमला करके पड़ोसी देश के एयर डिफेंस को एक तरह से लकवाग्रस्त कर दिया। भारतीय कार्रवाई से पाकिस्तान घुटनों पर आ गया और उसके डीजीएमओ ने सीजफायर की गुहार लगाई। भारत इसके लिए तैयार हुआ लेकिन साथ में सख्त चेतावनी भी दी कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी सिर्फ स्थगित हुआ है, खत्म नहीं।
