अगर आप भी शादी में फोटोग्राफर बुलाते हैं तो ये खबर आपके लिए है!, फोटोग्राफर ही निकला डबल मर्डर का मास्टरमाइंड, , बुजुर्ग दंपत्ति को मौत के घाट उतारा

जांजगीर-चाम्पा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र के खपरी गांव में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. वारदात का मास्टरमाइंड और कोई नहीं, एक फ़ोटोग्राफर है, जिसने अपने साथी के साथ लूट और चोरी की योजना बनाई थी, 2 बदमाश लूट और चोरी की नीयत से घर में घुसे थे, लेकिन बदमाशों ने बुजुर्ग दंपत्ति को मौत के घाट उतार दिया. बदमाश इतने शातिर है कि फिल्मी स्टाइल में वारदात को अंजाम देने के लिए मुखौटा, नकली बाल, टोपी और चाकू का इस्तेमाल किया. लेकिन मौके से मिले खून से सने पैरों के निशान और आरोपी के खून ने कत्ल से पर्दा उठा दिया.
– बुजुर्ग दंपत्ति संतराम साहू के घर शादी थी, इस दौरान फोटोग्राफी करने के लिए सुरेंद्र यादव पहुंचा था, जहां बुजुर्ग महिला श्याम बाई साहू के गले में सोने का माला और पैर में पहने चांदी के पायल देख उसके मुंह से लार टप गई. फिर फोटोग्राफर सुरेंद्र यादव अपने साथी गजेंद्र दिनकर के साथ मिलकर लूट और चोरी की योजना बनाई. जिसके बाद रात के अंधेरे में 2 बदमाश, बुजुर्ग संतराम साहू के घर छत के रास्ते से पहुंचे. लेकिन बुजुर्ग ने दोनों को आते देख लिया और चोर कहकर शोर मचाने लगा, जिसके बाद आरोपी ने बुजुर्ग संतराम साहू पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई. इसके बाद बदमाशों ने बुजुर्ग महिला के गले और चेहरे पर वारकर मौत के घाट उतार दिया. जिसके बाद उसके सोने के जेवर, चांदी के पायल लेकर फरार हो गया.
– शव मिलने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल रहा और पुलिस ने जांच तेज की, फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉगस्क्वायड की मदद ली गई. जहां मृतकों के खून के अलावा अन्य खून मिले और फिर क्षेत्र के हॉस्पिटलों में पता किया गया. जहां गजेंद्र दिनकर के हाथ में चोट लगने की बात सामने आई. फिर क्या पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और हत्या से पर्दा उठ गया. उसने सबूत मिटाने के लिए अपने पिता और भाई की भी मदद ली थी. फिलहाल, मास्टरमाइंड सुरेंद्र यादव, सहयोगी आरोपी गजेंद्र दिनकर, सहयोगी पिता श्यामरतन दिनकर, सहयोगी भाई विजेंद्र दिनकर, सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं.
