
सक्ती जिले के चिटफंड कंपनी से पीड़ित जांजगीर लोकसभा क्षेत्र के सांसद कमलेश जांगड़े को ज्ञापन सौंप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ठगी से पीड़ित जमा करता परिवार के द्वारा सौंपे ज्ञापन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी में याने घोषणा पत्र में चिट फंड कंपनियों के रकम वापसी के लिए वादा किया गया था. जबकि देश में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद भी अभी तक चिट फंड के पीड़ितों के लिए कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण समस्त चिट फंड कंपनियों में डूबी हुई ग्राहकों को सरकार के प्रति असंतोष है। उन्होंने आगे बताया कि सरकार के द्वारा रकम को वापसी हेतु अनियमित जमा योजना पाबंदी अधिनियम 2019 के तहत रकम की वापसी सुनिश्चित करना चाहिए। अनियमित जमा योजना पाबंदी अधिनियम 2019 तत्काल लागू करें। चित फंड कंपनियों का पैसा वापस करें. सरकार अपनी घोषणा पत्र का वादा पूरा करें और अगर वादा पूरा नहीं कर सकते तो अपने पद से इस्तीफा दें. सरकार द्वारा पारित कानून अनियमित जमा योजना पाबंदी अधिनियम 2019 का क्रियान्वयन हेतु ठगी पीड़ित जमा करता परिवारों की चित फंड कंपनियों में डूबी हुई राशि को वापस करने हेतु पैदल मार्च निकाला गया.
इस अवसर पर शिवनारायण कर्ष प्रदेश संरक्षक, प्रदेश अध्यक्ष पुरंदर साहू, शिवशंकर निषाद जिलाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष शिवराम कौशिक, रघुबर प्रसाद कर्ष उपाध्यक्ष बम्हनीडीह ब्लॉक, दशरथ साहू अध्यक्ष नवागढ़ ब्लॉक, जिला सचिव सावित्री साहू, दिलीप कुमार साहू, भरतलाल सूर्यवंशी, रोहित बरेठ, प्रहलाद कर्ष आदि के अलावा भारी संख्या में चिटफंड कंपनी के ठगी पीड़ित परिवार के सदस्य उपस्थित थे.
