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छत्तीसगढ़

छग के अड़भार में विराजित मां अष्टभुजी हैं दक्षिण मुखी, नवरात्रि में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, देश-विदेश के श्रद्धालु भी कराते हैं दीप प्रज्वलित

सक्ती जिले के अड़भार में विराजित माँ अष्टभुजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और खासा उत्साह देखा गया. मान्यता है कि मां सबकी मुरादे पूरी करती है, जिसके चलते देश-विदेश के श्रद्धालु दीप प्रज्वलित कराते हैं. सबसे खास बात यह भी है कि मंदिर में मां की दक्षिण मुखी प्रतिमा विराजमान है, देश में यह दूसरी मूर्ति है, जो दक्षिण मुखी है. वहीं मंदिर में मां अष्टभुजी की ग्रेनाइट पत्थर की आदमकद मूर्ति है, जो विशेष है.

 

आपको बता दें कि मां अष्टभुजी दक्षिण मुखी है, जो खास है. यह मंदिर पुरातत्व विभाग द्वारा सरक्षित है और 5वीं -6वीं शताब्दी के पूरे अवशेष यहां मिलते है. इतिहास में अड़भार का उल्लेख अष्द्वार के रूप में मिलता है. अड़भार की मां अष्टभुजी आठ भुजाओं वाली है, ये बात तो अधिकांश लोग जानते हैं, लेकिन देवी के दक्षिणमुखी होने की जानकारी कम लोगों को ही है. यहां शारदीय नवरात्र पर मां अष्टभुजी के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगता है. इस बार भी नवरात्रि में छग के अलावा अन्य प्रदेशों से भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. आज मंदिर में काफी भीड़ रही और दर्शनार्थियों में खासा उत्साह दिखा.
श्रद्धालुओं ने बताया कि माता अष्टभुजी से जो भी मांगा जाता है, ओ पूरी होती है. लंबी भीड़ है, लेकिन श्रद्धालुओं में खुशी है.

 

 

मंदिर के पुजारी ने बताया कि देश-विदेश के श्रद्धालु दीप प्रज्वलित कराते हैं और दर्शन के लिए पहुंचते हैं. यहां 33 सौ दीप से ज्यादा प्रज्वलित कराए गए है. माता सबकी मन्नते पूरी करती है, जिसके चलते श्रद्धालुओं की काफी भीड़ है. माता दक्षिण मुखी है और यहां खुदाई में पुराने अवशेष मिलते हैं.

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